घास के पैसे (लघुकथा) – बँटी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ…

घास के पैसे (लघुकथा)
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बँटी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ पार्क में गया। दोनों एकान्त में बैठे।
लड़की बोली: क्या करें?
बँटी बोला, एक चुटकुला सुनो:
*चुटकुला*
एक सन्यासी मन्दिर में सो रहा था। रात को एक सुन्दरी आकर उसके पास लेट गयी।
सुबह को सन्यासी पछताया।
जाकर अपने गुरु से बोला: बताइये, प्रायश्चित कैसे होगा?
गुरु ने पूछा: तुमने सुन्दरी के साथ कुछ किया भी था?
सन्यासी ने कहा: नहीं।
गुरु बोले: दस दिन तक सुबह उठकर घास चरो।
सन्यासी ने पूछा: ऐसा क्यों?
गुरु ने कहा: इसलिये कि तुम गधे हो।
*(समाप्त)*
बँटी की गर्लफ्रेंड खूब हंसी। बहुत देर बाद दोनों उठकर जाने लगे। जाते-२ गर्लफ्रेंड ने बँटी को 100 रूपये दिये।
बँटी ने पूछा: चुटकला पसन्द आया, इसलिये रूपये दे रही हो?
लड्की बोली: नहीँ, घास खरीदने के लिये।