दोस्त अब थकने लगे हैं – किसी का पेट निकल आया है, किसी के बाल पकने लगे हैं…

दोस्त अब थकने लगे हैं

किसी का पेट निकल आया है,
किसी के बाल पकने लगे हैं…

सब पर भरी जिम्मेदारी है,
सबको छोटी मोती कोई बीमारी है ।

दिन भर जो भागते दौड़ते थे,
वो अब चलते चलते भी रुकने लगे हैं ।

पर ये हकीकत है,
सब दोस्त थकने लगे हैं…
किसी को लोन की फ़िक्र है,
कहीं हेल्थ टेस्ट का जिक्र है ।

फुर्सत की सब को कमी है,
आँखों मैं अजीब से नमी है ।

कल जो प्यार के खत लिखते थे,
आज बीमा के फार्म भरने में लगे हैं ।

पर ये हकीकत है
सब दोस्त थकने लगे हैं…