अभ्यास हमें बलवान बनाता हैं, दुःख हमें…

*अभ्यास हमें बलवान बनाता हैं* ,
    *दुःख हमें इंसान बनाता हैं*,
  *हार हमें विनम्रता सिखाती हैं*, 
              *जीत हमारे* 
     *व्यक्तित्व को निखारती है*,
                  *लेकिन* 
         *सिर्फ़ विश्वास ही है*, 
                  *जो हमें* 
    *आगे बढने की प्रेरणा देता है*.
              *इसलिए हमेशा* 
 *अपने लोगों पर अपने आप पर*  
         *और अपने ईश्वर पर* 
      *विश्वास रखना चाहिए*